- बाबा महाकाल के दरबार में पहुंची भारतीय महिला क्रिकेट टीम, कप्तान हरमनप्रीत कौर समेत खिलाड़ियों ने भस्म आरती में लिया आशीर्वाद
- 13 साल बाद बने दुर्लभ संयोग में उज्जैन में उमड़ा आस्था का सैलाब, शनि जयंती और शनिचरी अमावस्या पर देशभर से पहुंचे श्रद्धालु; शनि मंदिर में स्नान के बाद कर रहे दान-पुण्य
- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया रामघाट क्षेत्र का निरीक्षण, कहा— विकास कार्यों का लाभ लंबे समय तक मिलेगा
- उज्जैन में ऑनलाइन जुड़ा देश, मोनी तीर्थ आश्रम में हुआ “विशेष श्री बालाजी सर्व ग्रह दोष शांति यज्ञ”; हर्षानंद और संतों ने दी आहुतियां
- पीएम की अपील और सीएम के निर्देश के बाद उज्जैन प्रशासन की नई पहल, अब एक ही वाहन से सिंहस्थ निरीक्षण पर निकल रहे अधिकारी
60 में से केवल 12 कॉलेजों में स्थाई प्राचार्य असिस्टेंट प्रोफेसर्स के भी 464 पद खाली
विक्रम विश्वविद्यालय परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले संभाग के 60 शासकीय कॉलेजों में स्टॉफ की कमी बनी हुई है। संभाग के 60 शासकीय कॉलेजों में से केवल 12 में ही स्थाई प्राचार्य हैं आैर शेष 48 कॉलेज प्रभारियों के भरोसे ही चल रहे हैं। शैक्षणिक आैर गैर-शैक्षणिक सभी वर्गों के कुल स्वीकृत पदों के मुकाबले 46.19 प्रतिशत पद खाली हैं।
असिस्टेंट प्रोफेसर्स के भी 464 पद खाली हैं। बड़ी संख्या में पदों के खाली रहने के कारण शैक्षणिक कार्यों के अलावा कॉलेज संबंधित अन्य कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। पद खाली रहने के पीछे सबसे बड़ी वजह लंबे समय से प्रदेश में नई भर्ती नहीं होना आैर उच्च शिक्षा विभाग की उदासीनता है। इसके अलावा पदोन्नति के भी अधिकांश मामले लंबित हैं।